Last Updated:July 31, 2026, 18:47 IST
Saurabh Jain Murder Case Verdict: गंजबासौदा के बहुचर्चित सौरभ जैन हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. पत्नी, उसके प्रेमी और तीन सुपारी किलर्स को उम्रकैद की सजा मिली है. वहीं, फर्जी दस्तावेज बनाने के जुर्म में मृतक के साले को 10 साल की जेल हुई है. कोर्ट ने इस अपराध को समाज के लिए चिंताजनक बताया है.
पति संग पत्नी की फाइल फोटो. सजा सुनाने के बाद कोर्ट में आरोपी.
Vidisha News: गंजबासौदा के बहुचर्चित सौरभ जैन हत्याकांड में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. इस मामले में मृतक की पत्नी ऋचा जैन, उसके प्रेमी दीपेश भार्गव और तीन सुपारी किलर राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव, लखन जाटव और गुरु उर्फ गोलू मंसूरी को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी पाया गया है. न्यायालय ने इन पांचों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा से दंडित किया है.
जांच और सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि यह पूरी वारदात बेवफाई और लालच का नतीजा थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, पत्नी ऋचा जैन ने अपने प्रेमी दीपेश भार्गव के साथ मिलकर पति सौरभ जैन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी. इस साजिश को अंजाम देने के लिए उन्होंने पेशेवर अपराधियों को सुपारी दी. इन शूटरों ने सौरभ की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जंगल में ठिकाने लगा दिया था.
साले को 10 साल की सजा
इस जघन्य अपराध को छिपाने में मृतक के साले अंशुल जैन की भी भूमिका उजागर हुई. अंशुल को फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और शपथ पत्र तैयार करवाने के मामले में धारा 467/120-बी और 471/120-बी के तहत दोषी करार दिया गया. कोर्ट ने अंशुल जैन को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने जताई चिंता
मामले की प्रभावी पैरवी शासकीय अपर लोक अभियोजक डॉ. अखिलेश लाहौरी द्वारा की गई. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने समाज की वर्तमान स्थिति पर गंभीर टिप्पणी की. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आज के दौर में लालच और अवैध संबंधों के कारण पति-पत्नी के पवित्र रिश्तों पर गहरा आघात पहुंच रहा है. न्यायाधीश ने इस तरह की घटनाओं को समाज के लिए एक चिंताजनक विषय बताया है.
पुलिस की गहन जांच और अभियोजन के मजबूत तर्कों के आधार पर यह फैसला आया, जिसने साबित कर दिया कि कानून से बच पाना मुमकिन नहीं है. फर्जी दस्तावेजों के जरिए हत्या को सामान्य मौत बताने की कोशिश भी नाकाम रही.
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