गणेश उत्सव में भव्य महाआरती, श्रद्धा और उल्लास से गूंजा परिस महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय में गणेश उत्सव के अवसर पर भगवान श्री गणेश की भव्य महाआरती का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य, विक्रम विश्वविद्यालय एवं नरेश शर्मा सचिव शिप्रा लोक संस्कृति समिति तथा निदेशक, संजीव कुमार मालवीय महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ उपस्थित थे।
अतिथियों का स्वागत
विजेंद्र वर्मा सचिव विशाला लोकहित सांस्कृतिक समिति के द्वारा अतिथियों को दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
महाआरती में

गणेश उत्सव के अंतर्गत आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। शोधपीठ परिसर में गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर सूर्यदेव औल्हन की किताब वक्त के निशां का विमोचन करते हुए राजेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि किसी व्यक्ति से प्रभावित होकर उसके जीवन चरित्र पर किताब लिखना एक अपने आप में बड़ी बात है वही नरेश शर्मा जी ने इस किताब के बारे में कहा कि अशोक वक्त के जीवन पर संक्षिप्त में ये किताब बहुत उपयोगी है जो उनके साहित्य योगदान को रेखांकित करती है।
शोधपीठ के निदेशक संजीव कुमार मालवीय ने कहा कि गणेश उत्सव भारतीय संस्कृति, आस्था और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुति
दीशा गोरे शास्त्रीय नृत्य एवं प्रीत मीणा, यश पोरवाल, गणेश वंदनाकी प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम की रूपरेखा
रितेश वर्मा, शुभम अहिरवार, संजय मालवीय, गोपाल डागर का संयोजन।
