Last Updated:July 31, 2026, 21:17 IST
Morena News: मध्य प्रदेश के मुरैना में एक टीचर बेहोश होने की वजह से गिर गई थी. इसके बाद कुछ लोगों ने इसे हार्ट अटैक समझा और लोगों को CPR देना शुरू कर दिया. अस्पताल में जाकर पता चला कि गलत CPR देने की वजह से टीचर की 2 पसलियां टूट गईं. अभी टीचर की हालत ठीक बताई जा रही है.
गलत CPR देने से टूटी पसलियां
Morena News: इंसानियत के नाते किसी की मदद करने का जज्बा बिल्कुल सही है, लेकिन बिना जानकारी के किसी की मदद करना, दूसरे के लिए आफत बन सकता है. कई बार गलत जानकारी की वजह से दूसरों की जान भी जा सकती है. मध्य प्रदेश के मुरैना से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक महिला टीचर अचानक चक्कर आने की वजह से बेहोश होकर गिर पड़ी. इसके बाद एकदम से आसपास लोग जमा हो गए और उन्होंने महिला की मदद करने की सोची. लेकिन गलत CPR देने की वजह से महिला को ही नुकसान हो गया.
चक्कर आने की वजह से गिर गई महिला
बताया जा रहा है कि तिलोंजरी हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ाने वाली 41 साल की टीचर ललिता धाकड़ स्कूटी से स्कूल जा रही थीं, तभी भुरावली चौराहा के पास अचानक उन्हें चक्कर आया और वह गिर पड़ी. आसपास मौजूद लोगों ने बिना सोचे-समझे और बिना कोई जांच किए इसे ‘हार्ट अटैक’ मान लिया. फिर क्या था? लोगों ने तुरंत उन्हें CPR देना शुरू कर दिया.
गलत CPR देने से टूटी महिला की पसलियां
जब टीचर ललिता धाकड़ को होश आया, तो उन्हें कैलारस अस्पताल पहुंचाया गया. बताया जा रहा है कि जो युवक उन्हें रास्ते भर CPR देते रहे. इसके बाद अस्पताल पहुंचने पर एक नई कहानी ही सामने आई. बीएमओ डॉक्टर मनीष शर्मा ने बताया महिला को कार्डियक अरेस्ट हुआ ही नहीं था. बल्कि गलत CPR देने की वजह से उनकी दो पसलियां और टूट गईं. मदद की नीयत से की गई इस अनजानी लापरवाही ने बेचारी महिला को एक नई और दर्दनाक मुसीबत में डाल दिया.
चक्कर आने से गिरी शिक्षिका को हार्ट अटैक समझकर CPR दिया गया, जिससे उनकी दो पसलियां टूट गईं।
मध्य प्रदेश के कैलारस में शिक्षिका ललिता गर्मी के कारण स्कूटी से गिर गईं। वहां मौजूद दो युवकों ने उन्हें हार्ट अटैक समझकर लगातार CPR देना शुरू कर दिया।
गलत CPR से जा सकती है जान
इस घटना से सबक मिला है कि CPR ऐसा इलाज नहीं है कि इसे चक्कर आने पर तुरंत देना शुरू कर दिया जाए. गलत CPR देने की वजह से मरीज की जान भी जा सकती है. अगर कोई बेहोश हो जाए, तो सबसे पहले उसकी सांस और नब्ज जांचें. विशेषज्ञों का कहना है कि CPR केवल तब दिया जाना चाहिए, जब व्यक्ति की सांस और नाड़ी बंद हो तथा उसकी सही तकनीक का पालन किया जाए.
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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor
गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…
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Morena,Madhya Pradesh

